DISCLAIMER

Please note author of this blog is a devotee of shri asharam bapu ji, i am not a doctor or vaidhya so consult your doctor before use any herbal product. This blog is a non profit educational purpose only blog no any item sell from this blog you can buy any herbal asharam bapu ji products direct from bapu ji online store at here:-
subject to Pindwara ( india) jurisdiction only

Friday, July 31, 2015

पूज्य बापूजी का गुरुपूर्णिमा का सन्देश 31 जुलाई 2015 Guru Poornima Message Of Asaram Bapu Ji

पूज्य बापूजी का गुरुपूर्णिमा का सन्देश 31 जुलाई 2015
ॐ आनंद ॐ माधुर्य ॐ उन्नति 
छान्दोग्य उपनिषद् का वचन है महामनास्यात , बड़े मन वाले बनो |
सर्दी , गर्मी ,बारिश की निंदा न करो , मनुष्यों , पशु पक्षी जीव जंतुओं की निंदा न करो |मांस भक्षण न करो , मदिरा न पियो |निंदा और मांस - मदिरा बुद्धि को तुच्छ बनाती है |

 जप यज्ञ , गीता कहती है यज्ञो दानं तपश्चैव पावनानि मनीषिणाम्। पवित्र बुद्धि परमात्मा के आनंद में प्रतिष्ठित होती है | 

भगवन व्यास जी कहते हैं और मैं भी कहता हूँ ,"रात्रि को सोते समय और सुबह उठाते समय , मैं प्रभु का हूँ प्रभु मेरे हैं |वे आनंद स्वरुप हैं तो मैं भी आनंद स्वरुप हूँ , सुख दुःख आके चले जाते हैं मैं साक्षी ज्यों का त्यों हूँ |"ऐसा अभ्यास करने वाला शीघ्र ही मुझे पता है मुझ मय हो जाता है |
यही है भगवन से नज़र मिलाना गुरु से नज़र मिलाना | गुरु को जैसा जगत दिखता है , भगवान् को जैसा जगत दिखता है तुम्हें भी ऐसा ही दिखने लग जाए |फिर शोक मोह चिंता भय दुःख और सुख ऐसे उड़ जाएँगे जैसे आग से कपूर | 
गीता कहती है , ज्ञानाग्नि दग्ध कर्माणं ..| ३१/७/२०१५ का पावन गुरुपूर्णिमा का पर्व , पावन संदेश देता है - निंदा न करो , फ़रियाद न करो , एक दुसरे को बदनाम न करो और अपने आनंद स्वरुप को जगाओ | जोधपुर जेल से गुनाही प्रवृत्ति करने वालों को छोटी नज़रों से देखा जाता है व अच्छी प्रवृत्ति वालों को ऊँची नज़रों से देखा जाता है और मेरी ऊँची बात तुम तक पहुँचाने की सेवा भी करता है सज्जन प्रशासन | 
ये साइन मेरे हैं , आज की ताज़ा खबर !! तुम्हारे जीवन में नित्य नवीन रस प्रभु का उभरता रहे | 
ॐ ॐ आनंदम् |
 इस संदेश को विश्व भर में फैलाओ | निंदा की की हम किसी से ......सत्य बोलें झूठ त्यागें ........हे प्रभु आनंददाता .... समझ गए साईं के प्यारे , दिल के दुलारे लाला लाल्लियाँ | मेरी चिंता न करो , मेरे आत्मस्वभाव का चिंतन करो |मेरी नज़र से नज़र मिलाओ और मुक्त हो जाओ | यही भगवान वेद व्यास चाहते हैं , इष्टदेव और गुरुदेव चाहते हैं | व्यासजी से , कृष्ण जी से , गुरूजी से अपनी समझ साझा करो | 31.7.2015

Must Read This divine message of Asaram
Bapu ji from Jodhpur Jail at 31 July 2015


Matched Content:-

Labels